मुख्यमंत्री ने ऊना में रखी मिनी सचिवालय की आधारशिला

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मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज राजकीय महाविद्यालय ऊना के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आवश्यकता के अनुसार दो नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महाविद्यालय को क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

महाविद्यालय के पुराने छात्रों, शिक्षकों और वर्तमान छात्रों को बधाई देते हुए जय राम ठाकुर ने कहा कि कॉलेज के दिन किसी के भी जीवन के सबसे अविस्मरणीय क्षण होते हैं। उन्होंने कहा कि यह समय न केवल हमारे भविष्य को आकार देने में सहायता करता है, बल्कि एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखने में भी मदद करता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तेजी से देश में शिक्षा हब के रूप में उभर रहा है। राज्य को हाल ही में शिक्षा के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य आंका गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों को उचित सम्मान देने का आग्रह किया और कहा जो कुछ उन्होंने अपने जीवन में हासिल किया है वह शिक्षकों द्वारा प्रदान ज्ञान का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ हासिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ हम सभी को देश को विश्व गुरु की पुरानी महिमा हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11 महीने की छोटी अवधि के दौरान, राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों और समाज के हर वर्ग के समान विकास को सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य प्रतिशोध व बदले की भावना के बिना राज्य का विकास करना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य की विकास मांगों के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान राज्य के लिए करोड़ों की विकास परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है। उन्होंने शिक्षकों, माता-पिता और छात्रों से नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए एकजुट प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहल पर पड़ोसी राज्य इस सामाजिक बुराई से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए एक साथ आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के साथ सख्ती से निपटेगी और इसमें संलिप्त दाषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में लिंग अनुपात अन्य अनेक राज्यों की तुलना में बेहतर है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।

उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को अपनी ऐच्छिक निधि से 51,000 रुपये देने की घोषणा की।इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने झलेड़ा में 3.83 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पुलिस लाईन के प्रशासनिक खण्ड की आधारशिला रखी। उन्होंने पेखुबेला खड्ड पर 1.31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 87.94 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग की यात्रिंकी कार्यशाला की भी आधारशिला रखी।

उन्होंने ऊना में 29.39 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मिनी सचिवालय की नींव रखी। मुख्यमंत्री ने ऊना में 2.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के नए आधुनिक पुलिस स्टेशन भवन की आधारशिला रखी।इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने 72 लाख रुपये की लागत से बनने वाले एचपीएसईबीएल फील्ड छात्रावास के अतिरिक्त कमरों की भी आधारशिला रखी।उन्होंने जलग्रां में 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बेहदला-चताटा खड्ड के तटीकरण (बाढ़ नियंत्रण) के लिए भूमि पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केन्द्र की भी आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन द्वारा तैयार की गई स्मारिका का भी विमोचन किया। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस महाविद्यालय ने अपने अस्तित्व के पचास गौरवशाली वर्षों को पूरा कर लिया है और इस अवधि के दौरान कॉलेज से अनेक प्रतिभावान छात्र निकले हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कई योजनाएं आरम्भ की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई ‘अखण्ड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती’ छात्रों को उनके जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध होगी।

राज्य भाजपा अध्यक्ष एवं इस महाविद्यालय के पुराने छात्र सतपाल सती ने कहा कि शिक्षा न केवल करियर निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी शिक्षा की महत्वूपर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि इन संस्थानों को विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना उत्पन्न करने में मदद करनी चाहिए। यह समय की आवश्यकता है शिक्षकों को उचित सम्मान प्रदान किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से महाविद्यालय के विस्तार और विकास तथा इसे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र के रूप में स्तरोन्नत करने का आग्रह किया।महाविद्यालय की ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव मेहता ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा भावुकतापूर्वक अपने कॉलेज के दिनों को याद किया।

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. त्रिलोक चंद ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कॉलेज के विद्यार्थियों की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त आवास प्रदान करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया।हिमुडा के उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, एसआईडीसी के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, विधायक बलबीर चौधरी, राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी, हि.प्र. विश्वविद्यालय के कुलपति सिकन्दर कुमार, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, उपायुक्त राकेश प्रजापति सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज राजकीय महाविद्यालय ऊना के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आवश्यकता के अनुसार दो नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महाविद्यालय को क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

महाविद्यालय के पुराने छात्रों, शिक्षकों और वर्तमान छात्रों को बधाई देते हुए जय राम ठाकुर ने कहा कि कॉलेज के दिन किसी के भी जीवन के सबसे अविस्मरणीय क्षण होते हैं। उन्होंने कहा कि यह समय न केवल हमारे भविष्य को आकार देने में सहायता करता है, बल्कि एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखने में भी मदद करता है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तेजी से देश में शिक्षा हब के रूप में उभर रहा है। राज्य को हाल ही में शिक्षा के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य आंका गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों को उचित सम्मान देने का आग्रह किया और कहा जो कुछ उन्होंने अपने जीवन में हासिल किया है वह शिक्षकों द्वारा प्रदान ज्ञान का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ हासिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ हम सभी को देश को विश्व गुरु की पुरानी महिमा हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11 महीने की छोटी अवधि के दौरान, राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों और समाज के हर वर्ग के समान विकास को सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य प्रतिशोध व बदले की भावना के बिना राज्य का विकास करना है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य की विकास मांगों के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान राज्य के लिए करोड़ों की विकास परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि विशेष रूप से युवाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है। उन्होंने शिक्षकों, माता-पिता और छात्रों से नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए एकजुट प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहल पर पड़ोसी राज्य इस सामाजिक बुराई से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए एक साथ आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के साथ सख्ती से निपटेगी और इसमें संलिप्त दाषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में लिंग अनुपात अन्य अनेक राज्यों की तुलना में बेहतर है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।

उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को अपनी ऐच्छिक निधि से 51,000 रुपये देने की घोषणा की।इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने झलेड़ा में 3.83 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पुलिस लाईन के प्रशासनिक खण्ड की आधारशिला रखी। उन्होंने पेखुबेला खड्ड पर 1.31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 87.94 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग की यात्रिंकी कार्यशाला की भी आधारशिला रखी।

उन्होंने ऊना में 29.39 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मिनी सचिवालय की नींव रखी। मुख्यमंत्री ने ऊना में 2.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के नए आधुनिक पुलिस स्टेशन भवन की आधारशिला रखी।इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने 72 लाख रुपये की लागत से बनने वाले एचपीएसईबीएल फील्ड छात्रावास के अतिरिक्त कमरों की भी आधारशिला रखी।उन्होंने जलग्रां में 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बेहदला-चताटा खड्ड के तटीकरण (बाढ़ नियंत्रण) के लिए भूमि पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केन्द्र की भी आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन द्वारा तैयार की गई स्मारिका का भी विमोचन किया। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस महाविद्यालय ने अपने अस्तित्व के पचास गौरवशाली वर्षों को पूरा कर लिया है और इस अवधि के दौरान कॉलेज से अनेक प्रतिभावान छात्र निकले हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कई योजनाएं आरम्भ की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई ‘अखण्ड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती’ छात्रों को उनके जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध होगी।

राज्य भाजपा अध्यक्ष एवं इस महाविद्यालय के पुराने छात्र सतपाल सती ने कहा कि शिक्षा न केवल करियर निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी शिक्षा की महत्वूपर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि इन संस्थानों को विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना उत्पन्न करने में मदद करनी चाहिए। यह समय की आवश्यकता है शिक्षकों को उचित सम्मान प्रदान किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से महाविद्यालय के विस्तार और विकास तथा इसे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र के रूप में स्तरोन्नत करने का आग्रह किया।महाविद्यालय की ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव मेहता ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा भावुकतापूर्वक अपने कॉलेज के दिनों को याद किया।

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. त्रिलोक चंद ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कॉलेज के विद्यार्थियों की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त आवास प्रदान करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया।हिमुडा के उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा, एसआईडीसी के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, विधायक बलबीर चौधरी, राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी, हि.प्र. विश्वविद्यालय के कुलपति सिकन्दर कुमार, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, उपायुक्त राकेश प्रजापति सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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