दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को स्पोर्टस लीव की मांग , राज्य स्तरीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता 8 से

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( धनेश गौतम ) राज्य स्तरीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन 8 से 10 दिसंबर को कुल्लू में होने  जा रहा है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली है और राष्ट स्तरीय नागेश ट्रॉफी के लिए भी यहीं से चयन होगा। यह जानकारी हिमाचल दृष्टिहीन खेल संघ के प्रदेशाध्यक्ष तेजराम वर्मा ने यहां आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उनके साथ इस दौरान समन्वयक पवन नेगी के अलावा संघ के पैट्रन एवं स्पोर्टस कौंसिल के सदस्य गौरव भारद्वाज भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर दृष्टिबाधित संघ के प्रदेश अध्यक्ष तेज राम वर्मा ने बताया कि दृष्टिबाधित खिलाड़ी सरकारी नोकरी में भी है लेकिन उन्हें खेल खेलने के लिए स्पोर्टस लीव नहीं मिलती है जिस कारण दृष्टिबाधित खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का पर्दशन नहीं कर पाते। जबकि अन्य सभी को यह लीव दी जाती है। उन्होंने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 8 दिसबंर को यह प्रतियोगिता शुरू होगी और 10 को इसका समापन्न किया जाएगा। यह प्रतियोगिता पुलिस ग्राउंड वाशिंग में आयोजित होगी और प्रदेश भर के दृष्टिबाधित खिलाड़ी इसमें भाग लेंगे।

सभी खिलाड़ियों के बीच से चार टीमों का गठन होगा और बेहतरीन प्रदर्शन करने बाली टीम एवं खिलाड़ियों का चयन नागेश ट्रॉफी के लिए होगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन होगा जिसमें दृष्टिहीन कलाकार धमाल मचाएंगे। उन्होंने बताया कि उड़ान आयडल रही मुस्कान के अलावा सारेगमा फेम पायल ठाकुर, वॉयस ऑफ कार्निवाल खेमराज व पंकज ठाकुर आदि कलाकार भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में एसपी शालिनी अग्निहोत्री चीफ गेस्ट रहेगी जबकि विशेष अतिथि के रूप में समाजसेवी वेद राम व संगीत महारथी विद्या सागर रहेंगे।

जबकि कार्यक्रम का समापन्न डीसी कुल्लू यूनुस करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार को इस संघ के लिए फंड का प्रावधान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने अभी तक दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए कुछ खास नहीं किया। जो खेलें संघ करवा रहा है उसमें भी उन्हें बाहरी लोगों की मदद लेनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप में भारत 6 बार भाग ले चुका है जिसमें दो बार भारत विजेता रहा है। गत वर्ष भारत की टीम में हिमाचल के भी एक खिलाड़ी भाग ले चुका है। उन्होंने कहा कि दृष्टिहीन खिलाड़ियों को स्पोर्टस लीव मिलनी चाहिए वहीं कुछ विशेष दिवस जैसे विश्व विकलांगता दिवस 3 दिसंबर व ब्रेल लिपि दिवस 4 जनवरी को भी छुट्टी देनी चाहिए।

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